हेल्लो
फ्रेंड्स, मेरा नाम रंजू सिंह है और मैं जन्नत की सारी की सारी देसी स्टोरीज पढ़ती हूँ. मैं आप सबको
अपनी चुदाई की सच्ची देसी कहानी बताने जा रही हूँ कि कैसे मैं अपने चाचा से चुदी. मैं
पहले आपको अपने बारे में बता दूँ, मैं दिखने में बहुत
सेक्सी हूँ और मैं छपरा की रहने वाली हूँ और
कॉल सेण्टर में जॉब करती हूँ. मेरा रंग गोरा है और मेरी चूची और गांड बहुत बड़ी है.
बहुत लोग मुझे लाइन मारते हैं, बहुत लोग मुझसे बात
करना चाहते हैं, असल में वे सब के सब मेरी चुत चुदाई करना
चाहते हैं. मैं वैसे बहुत मजाक करती हूँ अपने ऑफिस में और सब लोग मुझे पसंद भी करते
हैं. यह कहानी मेरी और मेरे चाचा के बीच की है, वो चाचा मेरे पड़ोस में ही रहते हैं, वे मेरे पापा
के चचेरे भाई हैं. और वो मेरे घर आते रहते हैं. हम दोनों लोग एक दूसरे से बातें करते
हैं. पर मुझे यह नहीं पता था कि वो चाचा जिनसे मैं बातें करती हूँ, वो मुझे एक दिन चोद देंगे. अब मैं आपको मेरी कहानी बताती हूँ
जो मेरी सच्ची चुदाई की कहानी है कि कैसे चाचा ने मुझे चोदा. चाचा जब भी मेरे घर आते
थे, वो मुझसे मजाक करते थे और हम दोनों लोग कभी कभी एक दूसरे के
साथ खेलते भी थे लेकिन मैं चाचा के बारे में कुछ गलत नहीं सोचती थी.
लेकिन वो मुझसे बातें करते करते कभी कभी वो मेरी चूची को देख कर मुझे स्माइल देते थे लेकिन मैं उनकी बातों पर ध्यान नहीं देती थी. मुझे ये सब नहीं पता था कि मैं एक दिन चाचा से चुद जाऊँगी क्योंकि मैं चाचा को एक अच्छा दोस्त मानती थी लेकिन वो तो मुझे चोदना चाहते थे. मुझे धीरे धीरे कुछ अजीब सा लगने लगा था क्योंकि चाचा जब भी मुझसे बातें करते थे या जब भी मेरे घर आते थे तो वो मुझे बहुत हवस भरी नजर से देखते थे और मुझसे अकेले में बातें करने की कोशिश करते थे और कभी कभी तो वो मुझे गलत तरीके से छूते भी थे. मैं यह बात अपने घर में किसी से नहीं कह सकती थी क्योंकि सब लोग उनको अच्छा मानते थे और मैं भी चाचा को अच्छा मानती थी.
लेकिन वो मुझसे बातें करते करते कभी कभी वो मेरी चूची को देख कर मुझे स्माइल देते थे लेकिन मैं उनकी बातों पर ध्यान नहीं देती थी. मुझे ये सब नहीं पता था कि मैं एक दिन चाचा से चुद जाऊँगी क्योंकि मैं चाचा को एक अच्छा दोस्त मानती थी लेकिन वो तो मुझे चोदना चाहते थे. मुझे धीरे धीरे कुछ अजीब सा लगने लगा था क्योंकि चाचा जब भी मुझसे बातें करते थे या जब भी मेरे घर आते थे तो वो मुझे बहुत हवस भरी नजर से देखते थे और मुझसे अकेले में बातें करने की कोशिश करते थे और कभी कभी तो वो मुझे गलत तरीके से छूते भी थे. मैं यह बात अपने घर में किसी से नहीं कह सकती थी क्योंकि सब लोग उनको अच्छा मानते थे और मैं भी चाचा को अच्छा मानती थी.
लेकिन
वो कुछ दिनों से मुझसे गलत तरीके से बातें करते थे और मुझसे हमेशा बॉलीवुड की हॉट मूवीज
के बारे में बातें करते थे. चाचा मुझे कभी कभी उनके साथ मूवी देखने के लिए भी बोलते
थे लेकिन मैं चाचा को मन कर देती थी. चाचा मुझसे कभी कभी फ़ोन पर भी बातें करने लगे
थे. मैं चाचा को इसलिए कुछ नहीं बोलती थी क्योंकि वो कभी कभी मेरी हेल्प भी कर देते
थे और कभी कभी मुझे अपनी कार से ऑफिस भी छोड़ देते थे. मेरी चूची बहुत बड़ी हैं,
मैं जब भी चाचा के साथ कार में जाती थी तो वो मेरी बड़ी बड़ी चुचियों
को देखते थे और मजे लेते थे. मुझे यह बात पता चल गयी थी कि चाचा मुझे चोदना चाहते थे
और मैं ऑफिस में बहुत ही सज कर जाती थी और बहुत फैशन करती थी तो लोग मुझे ऑफिस में
भी लाइन मारते थे. मुझे पटा था कि मैं फर्स्ट क्लास का माल हूँ चोदने के लिए!
चाचा
और मैं, हम दोनों धीरे धीरे एक दूसरे के करीब आने
लगे थे. चाचा मुझे बहुत बार व्हाटसप्प पर भी वीडियो काल पर बातें करते थे. लेकिन मैं
उनसे ज्यादा देर तक बातें नहीं करती थी क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि चाचा मुझसे कुछ
गलत बात करें. व्हात्सप्प पर चाचा अब मेरी फिगर की भी तारीफ करने लगे थे, वो मुझे बोलते थे कि तुम्हारी चाची भी अपने आपको बहुत मेन्टेन
रखती है लेकिन तुम्हारी बात कुछ और है. चाचा और चाची दोनों लोग से मेरी अच्छी बनती
थी. चाचा मुझे चोदना चाहते थे और मैं भी अब धीरे धीरे चुदवाने के मूड में आने लगी थी.
मैं भी अब चुदाई की बातें सोचती थी. मैं कभी कभी चाचा के लंड को उनकी पैन्ट में देखती
थी क्योंकि वो जब भी मेरी चूची को देखते थे और मुझसे बातें करते थे तो उनका लंड खड़ा
हो जाता था और मुझे भी अब लंड से चुदवाने का मन करने लगा था.
मैं
अब अपने मोबाइल में हिन्दी पोर्न मूवीज देखती थी और अपनी चूत को अपने हाथ से सहला कर
शांत करती थी. मेरी सहेलियाँ तो रोज अपने बॉयफ्रेंड से चुदवाती थी और मुझे भी बोलती
थी चुदवाने के लिए लेकिन मेरा अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था लेकिन जब भी मेरा
बॉयफ्रेंड मेरे साथ था तो वो मुझसे सेक्स की बातें करने की कोशिश करता था लेकिन मैं
तब उससे ऎसी बातें नहीं करना चाहती थी क्योंकि मैं तब इन बातों को बुरा मानती थी. लेकिन
अब मैं नए लंड से चुदवाना चाहती थी इसलिए मुझे भी चाचा से चुदवाने का मन करने लगा था.
अब चाचा भी मुझसे खुश रहते थे क्योंकि मैं भी अब चाचा से खुल कर बातें करती थी और वो
भी मुझे अपनी चुदाई के बारे में बताते थे. हम दोनों रात भर एक दूसरे से व्हाटसप्प पर
बातें करते थे. यह बात नहीं मेरे घर में किसी को पता थी कि मैं अपने पड़ोस से चाचा से
व्हाटसप्प पर रात भर बातें करती हूँ. न ही उनकी वाइफ जानती थी वो मुझसे रात भर बातें
करते हैं. चाचा शादीशुदा थे लेकिन मैं उनको पसंद करने लगी थी क्योंकि वो मेरी बहुत
देखभाल करते थे और कभी कभी वो मुझे अपने पैसों से मेरी जरूरत की चीजें मुझे लाकर देते
थे.
लेकिन
मैं नहीं चाहती थी कि यह बात किसी को पता चले कि मैं और चाचा हम दोनों लोग एक दूसरे
से प्यार करते थे. हम दोनों एक दूसरे के साथ एक दो बार फिल्म भी देखने गए थे और वहाँ
पर चाचा ने मुझे किस भी करने की कोशिश की थी लेकिन मैंने उनको मना कर दिया क्योंकि
मैं नहीं चाहती थी कि मुझे और चाचा को किस करते हुए कोई देखे.
चाचा
जब भी मेरे घर आते थे तो वो मैगज़ीन लेकर आते थे जिसमें नंगे लड़के लड़की सेक्स करते हुए
रहते थे और हम दोनों लोग नंगी फोटोज देखते थे. चाचा कभी कभी मुझे अपनी मोबाइल में पोर्न
मूवीज भी दिखाते थे और हम दोनों लोग एक दूसरे को किस भी करते थे जब मेरे घर कोई नहीं
रहता था. हम एक दूसरे को बहुत देर तक किस करते थे लेकिन हम दोनों लोग चुदाई नहीं करते
थे क्योंकि घर में किसी ना किसी के आने का डर लगा रहता था. चाचा जब कभी अपनी वाइफ को
चोदते थे तो मुझे बताते थे लेकिन वो बताते थे कि उनको अपनी वाइफ को चोदने में अब मजा
नहीं आता है और वो मुझे चोदना चाहते हैं.
मैं चाचा को बोलती थी कि हम चुदाई कैसे करें, घर पर कोई न कोई रहता था. एक दिन मैं ऑफिस में काम कर रही थी और चाचा का मेसेज आया कि वो मुझे होटल में खाना खिलाना चाहते थे. मैंने अपने ऑफिस के मेनेजर से छुट्टी ले ली और चाचा से मिलने होटल में चली गयी. वह पर हम दोनों ने खाना खाया और उसके बाद चाचा बोले- आज हम दोनों होटल के रूम में चुदाई करेंगे! लेकिन मैंने अब फिर चाचा को मना कर दिया क्योंकि मैं नहीं चाहती थी मुझे और चाचा को कोई होटल रूम में जाते आते देख ले.
मैं चाचा को बोलती थी कि हम चुदाई कैसे करें, घर पर कोई न कोई रहता था. एक दिन मैं ऑफिस में काम कर रही थी और चाचा का मेसेज आया कि वो मुझे होटल में खाना खिलाना चाहते थे. मैंने अपने ऑफिस के मेनेजर से छुट्टी ले ली और चाचा से मिलने होटल में चली गयी. वह पर हम दोनों ने खाना खाया और उसके बाद चाचा बोले- आज हम दोनों होटल के रूम में चुदाई करेंगे! लेकिन मैंने अब फिर चाचा को मना कर दिया क्योंकि मैं नहीं चाहती थी मुझे और चाचा को कोई होटल रूम में जाते आते देख ले.
चाचा मेरी चिकनी फूली हुई चूत को देख कर कुत्ते की तरह चाटने लगे और मैं जोर जोर से सिसकारियाँ लेने लगी. कुछ देर के बाद चाचा ने मेरी चूत को अपनी उंगलियों से थोड़ा खोला और उसके बाद वो मेरी चूत के दाने को चाटने लगे और कभी कभी तो वो मेरी चूत के दाने को अपने दांतों से काट भी रहे थे. मैं और जोर से चिल्ला रही थी क्योंकि तब मुझे दर्द होता था और मजा भी आता था. चाचा बोल रहे थे- यार रंजू , तुम्हारी चूत बहुत अच्छी है! और वो मेरी चूत को बहुत देर तक चूसते रहे. उसके बाद चाचा ने अपना लंड निकाला और मुझे लंड चूसने के लिए बोले. मैं भी चाचा का लंड अपने मुख में लेकर चूसने लगी. मैं चाचा का लंड चूस रही थी और वो मजे लेकर अपनी आँखों को बंद करके मुझसे लंड चुसवा रहे थे. चाचा कभी कभी अपना लंड मेरे मुख में जल्दी जल्दी अन्दर बाहर कर रहे थे तो चाचा झड़ने लगे, उन्होंने अपना लंड मेरे मुंह से बाहर निकाल लिया और सारा माल बाहर ही निकाल दिया. चचा माँ माल मेरी चूची और पेट पर गिरा जिसे चाचा ने मेरी ही पेंटी से पौंछ दिया.
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